नाम के आगे योगी लगाकर भाजपा पदाधिकारियों से ठगी: योगी कार्पोरेशन नाम से बनाई फर्जी संस्था, फिर योगी केदारनाथ और योगी हर्ष बन जारी करने लगे फर्जी पहचान पत्र
नाम के आगे योगी लगाकर भाजपा पदाधिकारियों से ठगी: योगी कार्पोरेशन नाम से बनाई फर्जी संस्था, फिर योगी केदारनाथ और योगी हर्ष बन जारी करने लगे फर्जी पहचान पत्र
गोरखपुर में जालसाजी का एक अनोखा मामला सामने आया है। जालसाजों ने गोरखनाथ के पते पर योगी कार्पोरेशन नाम से फर्जी संस्था का रजिस्ट्रेशन कराया।फिर अपना नाम बदलकर उसके आगे योगी लगा लिया और भाजपा और योगी समर्थकों को मैसेज भेजकर उन्हें ठगने लगे। जालसाज पहले लोगों को योगी कार्पोरेशन ग्रुप आफ इंडिया ग्रुप मैसेज भेजते थे। फिर उन्हें फोन कर संस्था का पदाधिकारी बनाने या कोई बड़ा पद देने के नाम पर फोटो,आधारकार्ड और रुपए मांगते थे।
रुपए मिलने के बाद जालसाज उन्हें फर्जी पहचान पत्र बनाकर भेज देते थे।इन्हीं जालसाजों की ठगी का शिकार कानपुर के सचंडी के गढ़ी भीमसेन की रहने वाली रंजना सिंह भी हुई। रंजना भारतीय जनता पार्टी में मंडल मंत्री हैं। इसके बाद उन्होंने यहां कैंट थाने में जालसाजी का केस दर्ज कराया। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर पड़ताल शुरू की तो पूरा खेल उजागर हो गया। इसके बाद गोरखनाथ पुलिस ने इस मामले में दो जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया।
एक महराजगंज का तो दूसरा गाजियाबाद का है जालसाज
उनकी पहचान महराजगंज जिले के सतगुरू मुजुरी बाजार थाना पनियारा के रहने वाले योगी केदार नाथ उर्फ केदार नाथ अग्रहरी और गाजियाबाद जयन्तीपुरम थाना मधुबनबाबूधाम के हर्ष चौहान उर्फ योगी हर्षनाथ के रुप में हुई। पुलिस ने गिरफ्तार कर उनके पास से 87 फर्जी परिचय पत्र, 87 फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र, 83 फर्जी लेटर पैड, 8 विभिन्न व्यक्तियों के प्रार्थना पत्र, दो मोबाइल फोन, 8 विभिन्न व्यक्तियों के नाम से जारी फर्जी आईडी कार्ड, और एक भाजपा का फर्जी परिचय पत्र भी बराम किया है, जिसमें आरोपी केदारनाथ ने खुद को प्रदेश महामंत्री लिखवाया है।
अब आइए जानते हैं, क्या है पूरा मामला...
कानपुर की महिला मंडल मंत्री ने दर्ज कराया था केस
दरअसल, कानपुर के सचंडी के गढ़ी भीमसेन की रहने वाली रंजना सिंह भारतीय जनता पार्टी में मंडल मंत्री हैं। इस मामले में उन्होंने यहां कैंट थाना में केस दर्ज कराया था। हालांकि, बाद में यह केस थाना गोरखनाथ पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया। उनका आरोप है कि एक लिंक के जरिए उन्हें योगी कार्पोरेशन ग्रुप आफ इंडिया ग्रुप का मैसेज मिला था। ग्रुप के संयोजक केदारनाथ ने फोन कर आधार कार्ड की काॅपी, फोटो और रुपये मांगा। उनको बताया गया कि उन्हें कानपुर नगर का प्रभारी बनाया जा रहा है।
महिला पदाधिकारी भी हुईं ठगी का शिकार
रंजना ने इस बात पर भरोसा करके जालसाजों को अपना डॉक्टयूमेंट्स और रुपए भेज दिए। जिसके बाद जालसाजों ने उन्हें कानपुर नगर का प्रभारी के नाम से उनका पहचान पत्र वाट्सएप ग्रुप पर भेज दिया गया। लेकिन, इसके कुछ दिनों बाद उन्हें इस फर्जीवाड़े की जानकारी हुई।
जालसाजी की जानकारी होने पर उन्होंने गोरखपुर में केस दर्ज कराया था। केस दर्ज कर पुलिस जब मामले की छानबीन की तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।पुलिस की जांच में खुला राज पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी केदारनाथ और हर्ष ने शपथ पत्र देकर अपने नाम के आगे योगी बढ़वा लिया।इसके बाद दोनों ने मिलकर अप्रैल महीने में संस्था का रजिस्ट्रेशन कराया और फिर जालसाजी करने लगे। ये दोनों जनता दर्शन में मुख्यमंत्री से मिलवाने के नाम पर भी लोगों से वसूली करते थे।
इस सम्बंध में एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया हैं।इनके पास से 87 फर्जी परिचय पत्र समेत कई फर्जी डाक्यूमेंट्स मिले हैं। भाजपा का फर्जी परिचय पत्र भी मिला है। इनके अन्य साथियों के बारे में जानकारी हासिल कर उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।भविष्य में आरोपियों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट की कार्यवाई के साथ ही उनकी संपत्ति का जब्तीकरण भी कराया जाएगा।
कृष्ण कुमार बिश्नोई पुलिस अधीक्षक नगर
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